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गोपालगंज कोर्ट में विधायक अनंत सिंह और भोजपुरी सिंगर गुंजन सिंह की अग्रिम जमानत पर सुनवाई, केस MP-MLA कोर्ट ट्रांसफर

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 गोपालगंज कोर्ट में मोकामा विधायक अनंत सिंह और भोजपुरी सिंगर गुंजन सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। वायरल हथियार वीडियो मामले को अब स्पेशल MP-MLA कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया है।

गोपालगंज/आलम की खबर: बिहार की राजनीति और भोजपुरी इंडस्ट्री से जुड़े चर्चित मामले में मंगलवार को गोपालगंज कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। मोकामा विधायक Anant Singh और भोजपुरी गायक Gunjan Singh की अग्रिम जमानत याचिका पर अदालत में लंबी बहस चली। इस हाईप्रोफाइल मामले को लेकर सुबह से ही जिला कोर्ट परिसर में हलचल तेज रही। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया और कोर्ट परिसर के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी।

जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला गोपालगंज जिले के Mirganj Police Station में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा हुआ है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर केस दर्ज किया था। वायरल वीडियो में कुछ लोग हथियारों के साथ दिखाई दे रहे थे। वीडियो में कथित तौर पर तेज आवाज में गाने बजते और हथियारों का प्रदर्शन होता नजर आया था। वीडियो वायरल होने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया और पुलिस ने जांच शुरू कर दी।

पुलिस की शुरुआती जांच के बाद कई लोगों को नामजद करते हुए मामला दर्ज किया गया। इसी केस में विधायक अनंत सिंह और भोजपुरी सिंगर गुंजन सिंह की ओर से अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई थी। मंगलवार को इस याचिका पर गोपालगंज कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों तक में काफी उत्सुकता देखी गई।

सुबह से ही कोर्ट परिसर के बाहर समर्थकों, वकीलों और मीडिया कर्मियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। सुरक्षा कारणों से कोर्ट परिसर में प्रवेश करने वालों की सघन जांच की गई। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की थी। अदालत परिसर के आसपास लगातार पुलिस गश्त भी चलती रही।

सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से जोरदार बहस हुई। बताया जा रहा है कि बचाव पक्ष की पैरवी के लिए पटना से वरिष्ठ अधिवक्ताओं की टीम गोपालगंज पहुंची थी। अदालत में बचाव पक्ष ने दलील दी कि वायरल वीडियो के आधार पर जल्दबाजी में प्राथमिकी दर्ज की गई और कई लोगों को पर्याप्त साक्ष्य के बिना केस में शामिल कर लिया गया।

विधायक अनंत सिंह और गुंजन सिंह की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता कुमार हर्षवर्धन पाठक ने मीडिया को बताया कि अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले को स्पेशल MP-MLA कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया है। इसके साथ ही अदालत ने संबंधित रिकॉर्ड और केस डायरी भी तलब की है। फिलहाल गिरफ्तारी पर रोक से जुड़े आदेश को सुरक्षित रखा गया है।

बचाव पक्ष का कहना है कि उनके मुवक्किलों का किसी भी अवैध गतिविधि से सीधा संबंध नहीं है और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर उन्हें मामले में घसीटा गया है। वहीं पुलिस की ओर से अदालत में कहा गया कि वायरल वीडियो, डिजिटल साक्ष्य और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस का दावा है कि मामले की तकनीकी और वैज्ञानिक जांच भी कराई जा रही है।

इस पूरे प्रकरण ने बिहार की राजनीति में भी हलचल बढ़ा दी है। अनंत सिंह बिहार की राजनीति में लंबे समय से चर्चित चेहरा रहे हैं। वे पहले भी कई मामलों को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं। ऐसे में इस केस को लेकर राजनीतिक चर्चाएं लगातार तेज बनी हुई हैं। दूसरी ओर भोजपुरी इंडस्ट्री के लोकप्रिय गायक गुंजन सिंह का नाम सामने आने के बाद यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मामला केवल कानूनी नहीं बल्कि राजनीतिक रूप से भी काफी अहम हो सकता है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और उसमें दिख रहे कथित हथियारों को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही हैं। कुछ लोग इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे कानून व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला मान रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, पुलिस वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराने की तैयारी भी कर रही है। वीडियो की सत्यता, हथियारों की वास्तविकता और वीडियो शूट किए जाने के स्थान की जांच की जा रही है। इसके अलावा वीडियो में दिखाई देने वाले अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है। पुलिस डिजिटल साक्ष्य जुटाने में भी लगी हुई है ताकि मामले की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके।

कोर्ट द्वारा केस को स्पेशल MP-MLA कोर्ट में ट्रांसफर किए जाने के बाद अब आगे की सुनवाई वहीं होगी। माना जा रहा है कि अगली सुनवाई के दौरान केस डायरी, डिजिटल साक्ष्य और पुलिस रिपोर्ट के आधार पर महत्वपूर्ण कानूनी बहस हो सकती है। फिलहाल सभी की नजर अदालत के अगले आदेश और गिरफ्तारी पर रोक संबंधी फैसले पर टिकी हुई है।

इधर गोपालगंज प्रशासन भी पूरे मामले को लेकर सतर्क है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी को भी माहौल बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी निगरानी रखी जा रही है।

फिलहाल इस हाईप्रोफाइल केस को लेकर बिहार के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाओं का दौर जारी है। अब यह देखना अहम होगा कि स्पेशल MP-MLA कोर्ट में अगली सुनवाई के दौरान क्या रुख सामने आता है और अदालत इस मामले में आगे क्या फैसला सुनाती है।

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